ravishankar02020@gmail.com +916263101888 MCB C. G. India

My View

My View

  • सपनों पर: “आपका सपना सच हो, इससे पहले आपको सपना देखना होगा”।
  • मेहनत पर: “यदि आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलें”।
  • लक्ष्य पर: “छोटा लक्ष्य अपराध है, लक्ष्य बड़ा रखें”।
  • असफलता पर: “FAIL का मतलब होता है: First Attempt In Learning (सीखने का पहला प्रयास)”।
  • शिक्षा पर: “देश का सबसे अच्छा दिमाग क्लासरूम की आखिरी बेंच पर बैठा हो सकता है”।
  • दृढ़ता पर: “अपनी पहली जीत के बाद आराम न करें, क्योंकि अगर आप दूसरी बार असफल हो गए तो लोग यह कहने के लिए इंतज़ार कर रहे होंगे कि आपकी पहली जीत सिर्फ किस्मत थी”।
  • कठिनाइयों पर: “इंसान को मुश्किलों की जरूरत पड़ती है क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये बहुत जरूरी हैं”।
  • सोच पर: “रचनात्मकता का मतलब एक ही चीज के बारे में अलग-अलग सोचना है”।
  • नेतृत्व पर: “अगर सफल होने का मेरा दृढ़ संकल्प काफी मजबूत है, तो असफलता मुझे कभी नहीं हरा पाएगी”।
  • व्यक्तित्व पर: “जब हृदय में ईमानदारी होगी, तो चरित्र में सुंदरता होगी”। 
कलाम साहब का मानना था कि जीवन एक मुश्किल खेल है और आप इसे केवल एक इंसान होने के अपने जन्मजात अधिकार को बरकरार रखते हुए ही जीत सकते हैं। 

विचार

प्रमुख विचार (Hindi):
  • आत्मविश्वास: खुद पर विश्वास करो, तुम भगवान में तब तक विश्वास नहीं कर सकते जब तक खुद पर नहीं करते।
  • शक्ति: शक्ति ही जीवन है, कमजोरी ही मृत्यु है।
  • कर्म: एक समय में एक ही काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो।
  • शिक्षा: शिक्षा मनुष्य के भीतर पहले से ही निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है।
  • विचार: हम वही हैं जो हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए विचारों के प्रति सजग रहें। 
इन विचारों का सार जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाना और निर्भीक होकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

त्याग

 विश्वकल्याण या फिर देश कल्याण की बात करके, साधु-महात्माओं के त्याग की कहानी अब पुरानी हो गई है. पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में एक युवा नेता के त्याग की कहानी राजनीतिक गलियारों के लिए एकदम नई है. जिले में एक ऐसा युवा नेता हैं जो ग्रामीण इलाकों में बेहतर जीवन के लिए सिस्टम से लड़ रहा है. जिसको लेकर उसने 16 साल पहले ही नंगे पाँव रहने का वचन लिया है. इस नेता के इस त्याग के पीछे एक दिलचस्प किस्सा है. 

Join Ravishankar Fans Group

नंगे पाँव होने की वजह

 2010 से नंगे पैर हैं. एक बार वो अपने क्षेत्र के दौरे पर निकले थे. तो एक व्यक्ति तपती धूप में नंगे पैर थे, उनके पैर में छाले पड़ गए थे. वो इस पेड़ की छांव, उस पेड़ की छांव में दौड़ दौड़कर जा रहा था. तब उन्होंने अपना चप्पल उस व्यक्ति को दे दिया और उस गांव में गए तो वहां की स्थिति बहुत दयनीय थी. अभावकाश जीवन जीने के लिए लोग मजबूर थे. तब उन्होंने वहीं पर अपना चप्पल उतार दिया और संकल्प लिया कि जब तक गांव के लोगों ओए उत्थान, और सशक्त नहीं होंगे. तब तक नंगे पैर रहेंगे. उन्होंने आगे बताया कि वे नंगे पैर रहकर ये एहसास करते है, कि उनके जैसे सैकड़ों लोग होंगे. जिनके के पैर में छाले पड़ते होंगे, कांटे लगते होंगे. जब तक मेरे क्षेत्र में परिवर्तन नहीं होंगे, लोग आत्मनिर्भर नहीं होंगे. तब तक नंगे पैर रहूंगा.

गरीबों की समस्या देख त्याग दिया चप्पल, 16 साल से नंगे पांव हैं ये आदिवासी नेता

40 वर्षीय रविशंकर सिंह आदिवासी समाज से आते 
एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय रविशंकर सिंह (Ravi Shankar Singh) आदिवासी समाज से आते हैं. 36 साल की उम्र में रविशंकर तीन बार जिला पंचायत के सदस्य बन चुके हैं. और खास बात ये है कि लोगों की माँग पर वो तीनों बार अलग-अलग क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं. गौरतलब है कि क्षेत्र में एक मददगार और जमीनी नेता की पहचान बना चुके रविशंकर सिंह अब तक जिन क्षेत्रों से चुनाव लड़े हैं. उन क्षेत्रों में उनके समाज के वोट कम है. लेकिन लोग जातिवाद के ऊपर उठ कर रविशंकर सिंह को अपना चुके है. यही वजह है कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए 40 वर्षीय रविशंकर सिंह ने चप्पल जूते त्याग दिए हैं. और यही वजह है कि वो अब नंगे पाँव वाले नेता के तौर पर पहचान बना चुके हैं. 

“कोई दुख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं वही हारा जो लड़ा नहीं।”

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के जनकपुर के घनघोर जंगल में एक बाबा छोटी सी कुटिया बनाकर रहते हैं. घने जंगलों के बीच राजामाड़ा नामक स्थान पर बाबा पूजा पाठ करते हैं. ये बाबा चर्चा में हैं. वो इसलिए क्याोंकि बाबा और जानवरों का अद्भुत प्रेम देखने को मिला है. बाबा जंगल के भाुलओं को रोज खाना खिलाते हैं. बाबा के साथ इसी कुटिया में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की आवाज सुनकर भालू खींचे चले आते हैं. इन भालुओं को बाबा प्यार से सीताराम..चुन्नू-मुन्नू के नाम से पुकारते हैं. ये नजारा देखने के लिए लोगों की भीड़ भी इकट्ठा हो जाती है.

HEALTH PROBLEM

Rahu may cause cancer, breathing problems, ulcers, cataracts, stammering problems, etc. Ketu: This is the ‘karaka’ planet of the abdomen. It is also responsible for wounds and flesh rotting due to insect bite. Ketu brings in mysterious diseases, which may gradually weaken our immunity.

 

JOB

Well, it is planet Saturn. We can say that it is one of the most significant planets for a career, also known as Jeevana Karaka or Karma Karaka.

TRADE

The planet Mercury is responsible for business and commercial activities. It also governs intellectual and mental frame of mind.

FINANCE

Financial astrology (also known as business astrology, economic astrology, and/or astro-economics) is a pseudoscientific practice of relating the movements of celestial bodies to events in financial markets.

HAND RIZIZ

Mercury – (i) Nerves, Right Cerebral hemisphere, Cerebrospinal system, Bronchial tubes, Ears, Tongue (ii) Nose, Navel and mouth. Jupiter – (i) Liver, Suprarenals (ii) Ear, tongue and thighs. Venus – (i) Throst, Kidneya, Uterus, Overies (ii) Genitals. Saturn – (i) Teeth, Skin, Vagus Nerve (ii) Legs, and hand.

CHILD HINDRANCE

The Karaka (significator) of children viz. Jupiter under afflictions due to Saturn or Rahu can cause childlessness. 4. Malefic planets like Rahu and Ketu having association with the 5th and 11th houses through placement, conjunction, aspects or nakshatras can cause childlessness.

 

EDUCATION, VASTU , BLACK MAGIC , KALSARPA DOSHA , MANGLIK DOSHA QUESTION KUNDALI KUNDALI ANALICS